आज का ज्ञान अछि बातें
आज का प्रसंग
अक्लमंद नक़ल नहीं करता और नक़ल करने वाला इंसान अक्लमंद नहीं होता ।
और
भीड़ बाल रास्ता सहज और सरल होता है हमेशा सही नहीं होता ।
क्या है ना कोई भी बात को सीधा सीधा कहने से जितना असर होता है । उस बात को घुमा फिराकर यानिकी नाट्यकार शैलि से कहने से ज्यादा असर होता है । जैसे की बच्चों को हम कहानिया सीधा सीधा सुनाते है तो जितना असर होना चाहिए उतना असर नहीं होता है । लेकिन उस कहानी को हमारे बुजुर्ग यानिकी हमारे नानजी या नानी सुनाये तो बहत मजा आता है । मतलब बो ऐसे घुमा फिरा कर जुड़ जुड़ कर केहेते है तो बहत ज्यादा असर पड़ता है और मजा भी आता है ।
सीधा प्रसंग में आ जाता हूँ ।
एक ब्यापारी था । उसके पास एक घोड़ा और गधा थे । बो एक दिन ब्यापार करके लौट रहा था और घोड़ा के पीठ पर नमक और गधा के पीठ पर कपास लाद कर आ रहा था लेकिन रास्ते में एक नदी पड़ा । नदी पर बहत पानी बहे रहा था । घोडा ने पानी के अंदर गड्ढा में चला गया और और उसके पीठ में जो नमक लाद हुआ था बो पानी में घुल गया और बह गया और थोडा सा घोडा का पीठ हल्का हो गया । ये देखकर गधा सोचा क्यों न में भी अपना भारी कम करके आता हूँ ऐसा सोच कर बो भी गेहरा पानी में चला गया । और उसके पीठ पर कपास था और कपास भीग कर और ज्यादा भारी हो गया । इसका मतलब ये है की... क्या है ना हम ऐसे नक़ल करके बहत सरे परेसनियों को मोड़ लेते है । ज्यादा के चक्कर में हम असुबिधयो को मोड़ लेते है । हम जैसा है जैसे है ठीक है हमें आगे बढ़ने केलिए जो अच्छा लगे जिस में आगे बढ़ सके जो सही है बो करे क्या है ना कई बार नक़ल के चक्कर में हम अपना जान भी जोखिम में डाल सकते है ।
भीड़ का रास्ता हमेसा सहज और सरल होता है इसका मतलब ये नहीं की हमेसा भीड़ का रस्ते सही गलत भी हो सकता है । क्या है ना ज्यादा के चक्कर में में क्या सही है क्या गलत है हम भूल जाते है । और गलत को भी अच्छा और अच्छा को भो गलत सोचते है इसलिए हमें अपनी जिंदगी को आगे बढ़ने केलिए खुद को अच्छा इंसान बनाने केलिए अपना कैरियर को अच्छा बनाना होगा । क्या है न मानब के जीबन में कुछ भी भूल चूक हो जाता इसे सुधर लेना चाहिए । मानब के जीबन बहत सरे परेसनियां दुःख आ जाते है जो इंसान उस समय चिर कर पर हो जाता है । बो ही सच्चा इंसान कहलाता है । जैसे के तैरना तो सबको आता है जो समंदर की लहर को चिर कर आगे बढ़ता है बो ही सच्चा पहरलि कहलाता है ।
धन्यवाद ।
Comments
Post a Comment